श्री मोहनदास जी महाराज जन्मस्थली • रूल्याणी धाम
श्री मोहनदास जी महाराज जन्मस्थली रूल्याणी धाम

॥ श्री मोहनदास जी महाराज की जय ॥

श्री मोहनदास जी महाराज जन्मस्थली

रूल्याणी धाम की पावन धरती, जहाँ संत शिरोमणि श्री मोहनदास जी महाराज की भक्ति, तप और बाल्यकाल की दिव्य स्मृतियाँ आज भी श्रद्धालुओं के हृदय में जीवंत हैं।

पावन इतिहास

श्री मोहनदास जी महाराज की जन्मस्थली

श्री मोहनदास जी महाराज की जन्मस्थली

राजस्थान के सीकर जिले के रूल्याणी धाम स्थित यह पावन जन्मस्थली संत शिरोमणि श्री मोहनदास जी महाराज की तप, भक्ति और त्याग की अमर स्मृतियों से जुड़ी हुई है।

उनके बाल्यकाल की भक्ति और श्री हनुमान जी के प्रति उनकी अद्भुत श्रद्धा से जुड़ी अनेक लोकमान्यताएँ आज भी इस भूमि को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्रदान करती हैं।

संपूर्ण इतिहास पढ़ें →
रूल्याणी धाम

प्रमुख आकर्षण

श्री मोहनदास जी महाराज का पावन धूणा, रूल्याणी 02
साधना स्थल

पावन धूणा

श्री मोहनदास जी महाराज की साधना, तपस्या और भक्ति से जुड़ी पावन स्मृति।

पावन स्थल देखें
श्री मोहनदास जी महाराज मंदिर का पावन प्रांगण 03
धाम परिसर

पावन परिसर

मंदिर के शांत, सुंदर और भक्तिमय वातावरण से जुड़ी मनोहारी झलक।

रूल्याणी धाम
भक्ति ही वह मार्ग है जो भक्त को भगवान तक पहुँचाता है।
— श्री मोहनदास जी महाराज
जीवन परिचय

श्री मोहनदास जी महाराज की जीवन यात्रा

🌱

जन्म

रूल्याणी गाँव में पावन जन्म

🙏

बाल्यकाल

बाल्यावस्था से भक्ति एवं साधना

🕉️

साधना

गहन तप एवं आध्यात्मिक साधना

🚩

बालाजी कृपा

श्री सालासर बालाजी से जुड़ी परंपरा

📖

लोककल्याण

समाज और भक्तों के लिए प्रेरणास्रोत

🛕

वर्तमान मंदिर

पावन स्मृति और श्रद्धा का केंद्र

आगामी उत्सव

धार्मिक पर्व एवं आयोजन

आने वाले धार्मिक आयोजनों, उत्सवों और विशेष अवसरों की जानकारी यहाँ प्राप्त करें।

सभी उत्सव देखें →
नवीनतम लेख

ज्ञान एवं भक्ति

श्री मोहनदास जी महाराज, रूल्याणी धाम और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े नवीन लेख पढ़ें।

सभी लेख पढ़ें →
धर्म सेवा में सहयोग दें

सेवा एवं दान

मंदिर, गौ सेवा, अन्नदान और अन्य धार्मिक सेवाओं में अपना योगदान दें।

दान करें
रूल्याणी धाम

हमारी लोकेशन

📍
पावन जन्मस्थली

रूल्याणी धाम

संत शिरोमणि श्री मोहनदास जन्मभूमि भक्ति धाम रूल्याणी, राजस्थान

यही वह पावन भूमि है जिसे श्री मोहनदास जी महाराज की जन्मस्थली के रूप में श्रद्धा से स्मरण किया जाता है।

Google Maps पर मार्ग देखें
Scroll to Top